घोषणा पर नहीं हो रहा अमल, सुविधाओं को तरस रहे लोग   Gaurav Sharma Press Release संबंधित समाचार Pradeep Reddy Main navigation नामांकन / एकल निविदा के आधार पर प्रदान किया गया पीओ मुंगेर संतकबीरनगर जयपुर में देर रात झमाझम बारिश, मौसम हुआ ठंडा, सड़कों पर जगह-जगह भरा पानी   वार्षिक रिपोर्ट पुरालेख Cashback on offer price: 2463 टेलीफोन सस्ता हो सकता है तो रेलवे और बिजली क्यों नहीं Aug 24, 2018, 11.46 AM IST 14-Aug-18 01:27 कैग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि उत्तराखंड सरकार की महत्वाकांक्षी योजना थी कि वह अपनी जलशक्ति का उपयोग तथा विकास सरकारी तथा निजी क्षेत्र के सहयोग से करेगा। राज्य की जल-विद्युत बनाने की नीति अक्टूबर 2002 को बनी। उसका मुख्य उद्देश्य था राज्य को ऊर्जा प्रदेश बनाया जाय और उसकी बनाई बिजली राज्य को ही नहीं बल्कि देश के उत्तरी विद्युत वितरण केन्द्र को भी मिले। उसके निजी क्षेत्र की जल-विद्युत योजनाओं के कार्यांवयन की बांट, क्रिया तथा पर्यावरण पर प्रभाव को जाँचने तथा निरीक्षण करने के बाद पता लगा कि 48 योजनाएं जो 1993 से 2006 तक स्वीकृत की गई थीं, 15 वर्षों के बाद केवल दस प्रतिशत ही पूरी हो पाईं। उन सब की विद्युत उत्पादन क्षमता 2,423.10 मेगावाट आंकी गई थी, लेकिन मार्च 2009 तक वह केवल 418.05 मेगावाट ही हो पाईं। इसका कैग के अनुसार मुख्य कारण थे भूमि प्राप्ति में देरी, वन विभाग से समय पर आज्ञा न ले पाना तथा विद्युत उत्पादन क्षमता में लगातार बदलाव करते रहना, जिससे राज्य सरकार को आर्थिक हानि हुई। अन्य प्रमुख कारण थे, योजना संभावनाओं की अपूर्ण समीक्षा, उनके कार्यान्वयन में कमी तथा उनका सही मूल्यांकन, जिसे उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड को करना था, न कर पाना। प्रगति की जाँच के लिए सही मूल्यांकन पद्धति की आवश्यकता थी जो बनाने, मशीनरी तथा सामान लगने के समय में हुई त्रुटियों को जाँच करने का काम नहीं कर पाई, न ही यह निश्चित कर पाई कि वह त्रुटियाँ फिर न हों। निजी कंपनियों पर समझौते की जो शर्तें लगाई गई थीं उनका पालन भी नहीं हो पाया। जयपुर में देर रात झमाझम बारिश, मौसम हुआ ठंडा, सड़कों पर जगह-जगह भरा पानी 'दृष्टि द विज़न' संस्थान फाँसी की सजा से मंदसौर घटना में हुआ न्याय : शिवराज सिंह सबसे ज्‍यादा पढ़ी गई 15-Feb-2018 पावर ट्रांसमिशन कंपनी और आईटी-ईआरपी को मैच जीतने से मिले बहुमूल्य अंक‍ अब यूपी में शहरी इलाकों में 300 से 1000 यूनिट के लिए 8 रुपये प्रतियूनिट की दर तय की गई है। वहीं ग्रामीण इलाकों में भी बिजली की दरों में बढ़ोतरी हुई। ग्रामीण अनमीटर्ड व्यावसायिक उपभोक्ताओं को 600 रुपए बढ़ाकर 1000 रुपये प्रतिमाह देना हेागा। शहरी इलाकों में 300 से 1000 यूनिट 8 रुपये प्रतियूनिट किया गया है। शहरी व्यावसायिक फिक्स चार्ज 200 से बढ़ाकर 300 रुपये किया गया है। शहरी व्यावसायिक उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक 7 रुपए प्रति यूनिट की दर चुकानी होगी। 2018 asian games: एशियन गेम्स इतिहास में भारत ने दूसरी बार रोइंग में जीता गोल्ड मेडल मेघालय सम्पादकीय उज्जवल डिस्कॉम एश्योरेंस योजना कार्या. ज्ञा. 20th नवंबर 2015 हाईकोर्ट ने यह फैसला इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने वित्त सचिव से पावर प्रोड्यूसर्स की शिकायतें सुनने को कहा है। अदालत ने वित्त सचिव से इन दिक्कतों के समाधान की संभावना तलाशने को भी कहा है। AJAB GAJAB March 27, 2018 Binod Karan आपका ज़िला 0 इकनॉमिक टाइम्स| ઈકોનોમિક ટાઈમ્સ | Pune Mirror | Bangalore Mirror | Ahmedabad Mirror | ItsMyAscent | Education Times | Brand Capital | Mumbai Mirror | Times Now | Indiatimes | नवभारत टाइम्स | महाराष्ट्र टाइम्स | ವಿಜಯ ಕರ್ನಾಟಕ | Go Green | AdAge India | Eisamay | IGN India | NavGujarat Samay | Times of India | Samayam Tamil | Samayam Telugu | Miss Kyra | Bombay Times | Filmipop | Games App Two-way (sending and receiving) short codes: महिला रोज़गार दरJul 31, 2018 स्कॉट मॉरिसन ऑस्ट्रेलिया के नये प्रधानमंत्री होंगे, लेंगे टर्बुनल की जगह M T W T F S S मॉक इंटरव्यू # Atal Bihari Vajpayee# Ram Mandir# Yogi Adityanath# Delhi Rain Today# Dawood Ibrahim# Rains in Mumbai# Delhi Samachar# Gujarat News# Hindi Samachar# Burari Case संस्‍थापित क्षमता : एक नज़र में Commenting लिखेंब्लॉग एवं स्लाइड Publications 201-300             5.77 México - Español Server Error विज्ञापनों के विकल्प सीमाओं से परे और समय से आगे Facebook © 2018 MARKET INDICATORS विदेशी मीडिया बच्चियों से रेप की घटना पर तेजस्वी का विराट प्रदर्शन, नीतीश कुमार को आई शर्म क्रम 41858 म. प्र. पावर मेनेजमेन्ट क. लि. कोटा : शातिर चोरों ने पहले CCTV कैमरे तोड़े, फिर इलेक्टॉनिक्स कंपनी से 8 लाख के माल पर हाथ साफ कियाकोटा। शहर Last update: 1 day ago प्रियंका चोपड़ा ने दिखाई खास अंगूठी, कीमत और खूबियां जानकार हो सकते हैं हैरान.. बैडमिंटन/टी टी Updated on 10/25/2017 शासी परिषद् ऑटोमोबाइल Jeevan Mantra Arrah राज्यवार ख़बरें bollywood-masala1 day ago आरटीआई (यह भी पढ़ें)... NEWS FLASH: 2010 का मिर्चपुर केस : दिल्ली HC ने सत्र अदालत द्वारा बरी किए गए जाट समुदाय के लोगों को दोषी करार दिया अंतरराष्ट्रीय संगठन सबसे ज्यादा बोझ ग्रामीण उपभोक्ताओं पर पड़ा है, पहले ग्रामीण उपभोक्ताओं से 180 रुपए प्रति माह चार्ज किया जाता था, जिसे अब बढ़ा दिया गया है। ग्रामीण अनमीटर्ड उपभोक्ताओं को अब 300 रुपए प्रतिमाह बिल देना होगा। 9- विद्युतीकरण योजना.. 14-Dec-2017 ट्रांसमिशन कंपनी द्वारा ऊर्जा बचत के ब्रोशर, संदेश और स्टीकर का विमोचन 23-Aug-18 01:24 मिशन एवं उद्देश्य 2016-17 2704 करोड़  BHU XII योजना के अंतर्गत सीपीआरआई की पूँजी परियोजनाएँ Ramesh Yadav‏ @ramesh_yadu 18 Aug 2015 प्रश्नपत्र II डूंगरपुर नशे के आदी युवक ने उठाया खौफनाक कदम, परिजनों के उड़े होश (Video) बताया जाता है कि बिजली दरें बढ़ाने की मांग बिजली कंपनियां काफी दिनों से कर रही थीं, और संभवना 5 से 10 फीसदी तक बिजली दरें बढ़ाने की जताई जा रही थीं. लेकिन इसके विपरीत दरें कम कर दी गई हैं. पड़ोसी राज्यों की तुलना में पहले नंबर पर है प्रदेश  अब पाइए अपने शहर ( Korba News in Hindi) सबसे पहले पत्रिका वेबसाइट पर | Hindi News अपने मोबाइल पर पढ़ने के लिए डाउनलोड करें Patrika Hindi News App, Hindi Samachar की ताज़ा खबरें हिदी में अपडेट पाने के लिए लाइक करें Patrika फेसबुक पेज बैठक में अनुपस्थित दो सचिव निलंबित, जीआरएस देवरी की हुयी सेवा समाप्त 1993 से लाभांश अदा कर रही है | Firkee दुमका Collections ऊर्जा संरक्षण Android का नया वर्जन जारी, जानें इसके फीचर्स 1अदानी पॉवर लि.31.40-1.410.1621.2466.589.9848.82-13.85 बिजनेस न्यूज़ संस्कृति और विरासत 1 फरवरी 2018 सांविधिक अपेक्षाएं Be the first one to post on टाटा पॉवर कंपनी लि.. प्रदेश की बिजली वितरण निगमों में अब भी बिजली छीजत का ग्राफ 25 से 35 फीसदी तक बना हुआ है वहीं बिजली चोरी मामले में कई जिलों में छीजत 35 फीसदी तक रही है। राज्य सरकार के निर्देशों के बावजूद बिजली कंपनियां चोरी व छीजत रोकने में प्रभावी कार्रवाई करने में नाकाम रही हैं। इसके उलट बिजली कंपनियों ने चोरी छीजत पर लगाम कसने के लिए संबंधित क्षेत्र के अभियंताओं के वेतन भत्ते में कटौती की तलवार भी लटकाई लेकिन नतीजा सिफर रहा है।  विद्युत लागत प्रति किलो - व्यापार बिजली प्रदाता विद्युत लागत प्रति किलो - इलेक्ट्रिक सप्लाई कंपनी विद्युत लागत प्रति किलो - ऊर्जा की कीमतें
Legal | Sitemap